
इनोवेस्ट पित्र पक्ष विशेष ( 21 – 6 oct )
क्या बेटियां कर सकती हैं श्राद्ध …
पितृ पक्ष – जानिए पूरी जानकारी , 21 सितम्बर, मंगलवार से, 6 अक्टूबर, बुधवार को समापन ,
श्राद्ध के फायदे और कितने प्रकार के होते ये कर्म
पितृ खुश तो इंसान राजा और नाखुश तो भिखारी
वाराणसी। ड्राइवरों की चूक से लगातार शहर हो या गांव हाइवे तक मौत का सिलसिला जारी है। इन निकम्मे ड्राइवरों की लापरवाहियों की वजहों से लोगों के परिवार में मातम छा जाता है। ड्राइवर पर कड़ी कार्यवाही के बजाए विभाग से लेकर अधिकारी तक मृतक परिजनों को केवल संवेदना प्रकट करते है। जबकि ऐसे ड्राइवरों पर प्रशासन व विभागीय कार्यवाही होनी चाहिए। ताकि किसी ड्राइवरों की लापरवाही से किसी का परिवार का सदस्य दुनिया छोंड़कर न जाए। इसी कड़ी में रोहनिया बच्छाव गांव निवासी प्रीति अपने करसड़ा प्राथमिक विद्यालय पैदल जा रही थी तभी तेज रफ्तार से अखरी की ओर से नगरनिगम की कूड़े से लदी डंपर ने कुचल दिया। ये देखते ही आसपास के ग्रामीण बचाने के लिए दौड़े। लेकिन देर हो चुकी थी। प्रीति की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद निगम का गाड़ी चालक भाग निकला। परिवार को सूचना मिलते ही उसकी माँ सपना देखते ही बेहोश हो गई और होश आया तो चीख चीखकर बोलने लगी कि प्रीति के पापा छोड़कर चले गए और अब बेटी भी छोड़ गई।
ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
छात्रा की दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीण आक्रोशित होकर अखरी अदलपुरा मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर ड्राइवर पर कार्यवाही करने और मुआवजा की मांग करने लगे।
पुलिस के समझाने पर भी नही माने ग्रामीण
घटना की सूचना पर रोहनिया पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने में बड़ी मशक्कत की। लेकिन अपनी मांगों पर अड़े रहे।
निगम ने लिखित दिया आश्वासन
घटना स्थल पर नगर निगम प्रशासन की ओर से परिजनों को लिखित आश्वासन दिया गया। तब जाकर जाम समाप्त हुआ।
नगर निगम अधिकारी की जुबानी
जब इन्नोवेस्ट ने निगम प्रशासन एनपी सिंह से जानकारी ली तो उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए मृतक छात्रा की माँ को निगम संविदा कर्मी पर नियुक्त करेगा। वही प्रशासन ने परिजन को एक लाख रुपये आर्थिक सहायता के रूप में दिए जाने की बात कही है।
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