सर्वपितृ अमावस्या : जानिये क्यों है सभी के लिए ख़ास, साथ आज का महत्व

सर्वपितृ अमावस्या : जानिये क्यों है सभी के लिए ख़ास, साथ आज का महत्व


प्रत्येक वर्ष श्राद्ध करना हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण आचारधर्म है और इसका महत्व अद्वितीय है। प्राचीन काल से चले आ रहे इस विधि का महत्व हमारे ऋषियों ने कई ग्रंथों में लिखा है। आइए इस लेख में सर्वपितृ अमावस्या का महत्व जानते हैं।

पितृ पक्ष की अमावस्या को ‘सर्वपितृ अमावस्या’ कहा जाता है। सर्वपितृ अमावस्या 25 सितंबर को है। इस तिथि पर किया जाने वाला श्राद्ध, कुल के सभी पितरों के लिए किया जाता है। यदि वर्ष भर या पितृपक्ष की अन्य तिथि पर श्राद्ध करना संभव नहीं हो पाया हो, तो सभी पितरों के लिए इस तिथि पर यह श्राद्ध करना अत्यंत आवश्यक है; क्योंकि यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है। शास्त्रों के अनुसार श्राद्ध के लिए अमावस्या उपयुक्त तिथि है और पितृ पक्ष की अमावस्या सबसे उपयुक्त तिथि है।

सर्वपितृ अमावस्या पर घर में कम से कम एक ब्राह्मण को भोजन के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस दिन मछुआरों, ठाकुरों, बुनकरों, कुनबी आदि जातियों को पितरों के नाम पर चावल या आटे का पिंड दिया जाता है और अपनी ही जाति के कुछ लोगों को भोजन कराया जाता है । इस दिन ब्राह्मणों को अन्न सामग्री देने की भी परंपरा है।

शास्त्रों में जिस समय के लिए जो-जो कर्म बताए गए हैं, उस उस समय पर उन कार्यों को करना आवश्यक और महत्वपूर्ण है। इसलिए पितृपक्ष में ही महालय श्राद्ध करना चाहिए। पितृ पक्ष में महालय श्राद्ध करने को लेकर विभिन्न मत प्रस्तुत किए हैं । मृत व्यक्ति की तिथि पर ही पितृपक्ष में एक दिन महालय श्राद्ध किया जाता है। जन्म शौच, मृत्यु शौच अथवा अन्य किन्ही अपरिहार्य कारणों से किसी को उस तिथि पर महालय श्राद्ध करना संभव न हो तो सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध करना चाहिए। अन्यथा सुविधानुसार कृष्ण पक्ष की अष्टमी, द्वादशी, अमावस्या और व्यतिपात योग के दिन भी महालय श्राद्ध किया जा सकता है।

यदि पितृ पक्ष में सूतक पड़ता है और मृत व्यक्ति की तिथि सूतक के पश्चात आती है, तो पितृपक्ष की विधि कर सकते हैं। यदि मृतक की तिथि सूतक के दिनों में आती है तो सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध किया जा सकता है। इसमें यदि मृत व्यक्ति हमारे माता पिता में से कोई है तो उनका श्राद्ध इसी वर्ष न कर अगले वर्ष कर सकते हैं। चूँकि कलियुग में सभी को कम या अधिक प्रमाण में आध्यात्मिक कष्ट हैं, इसलिए श्राद्ध के साथ ‘श्री गुरुदेव दत्त’ का जप अधिक से अधिक करना चाहिए।


सर्व पितृ अमावस्या 25 सितंबर को 4 ग्रहों का विशेष संयोग, 3 राशि वालों के लिए बेहद शुभ

जानिये, हॉलीवुड अभिनेता सिल्वेस्टर स्टैलोन के अलावा किन किन हस्तियों ने किया हैं पिंडदान

पितरों की मृत्यु तिथि अज्ञात होने पर इस तरह करें श्राद्ध, होगी उचित फल की प्राप्ति…

पितृ पक्ष : जानिए किस महर्षि ने शुरू किया था श्राद्ध की परंपरा

पितरों की मृत्यु तिथि अज्ञात होने पर इस तरह करें श्राद्ध, होगी उचित फल की प्राप्ति…

पितृ पक्ष में पितृ मिलने आते हैं अपने परिजनों से मिलने

पितृपक्ष : घर पर आप ऐसे कर सकते हैं पितरो को जल अर्पण

पितृपक्ष पर विशेष : पितरों के श्राद्धकृत्य से होगा सुख-समृद्धि, खुशहाली का मार्ग प्रशस्त

पितृपक्ष : बल पूर्वक कब्जा की गई भूमि पर श्राद्ध नहीं करना चाहिए, सायंकाल श्राद्ध का निषेध

महिलायों सहित और कौन कर सकता हैं श्राद्ध…. अवश्य पढ़िए, श्राद्ध पर शास्त्र का मत

जानिए, बिहार राज्य का मोक्ष धाम गयाजी की खास विशेषता


इन्हें भी पढ़िए

एक फिर शुरू हुआ सुनवाई का दौर, मामला ज्ञानवापी में पूजा पाठ का

आखिरकार क्या मतलब है विधर्मियों से व्रत और पूजा की सामग्री न खरीदें के अपील का

प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का दुबई कनेक्शन, क्यों कोर्ट से मांगी माफ़ी

जानिए क्या योजना हैं आगमन संस्था और ब्रह्म सेना की “काशी को मांस मदिरा से मुक्त” कराने की, अगला अभियान….

ज़ब बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने नीतीश को बताया प्रधानमंत्री, फिर…

जानिये दुनिया के दस करोड़पति शहरों का नाम, भारत में …


यदि आप सनातनी है तो काशी की नष्ट हो रही ऊर्जा को बचाने के लिए अभियान में आप के साथ की जरूरत है। कृपया सम्पर्क करें… 9889881111, 8765000123


विश्वनाथ धाम के बाद अब काशी की 10 पावन यात्राओं को सुगम बनाने की योजना

षडाष्टाक योग में करे शनि पूजा पाइये ऐश्वर्य एवं वैभव

इन चीजों का करें सेवन, बालों के गिरने और नाखूनों के टूटने से मिलेगा निजात

केतु के गोचर से 3 राशि वालों को धन राजयोग


सच या झूठ

सच या झूठ : खाद्य विभाग के अधिकारियों के लीपापोती से जारी है नक्कालों का खेल, छापेमारी और सैंपल बना खानापूर्ति का जरिया


” स्वास्थ्य और आप ” में पढ़िए

बचे फर्जी वेबसाइट से जो दावा करते हैं जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की, ऐसे बनवाये जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र

आपको अकारण शरीर में थकान , बाल झड़ना, और मिजाज में कड़वापन है तो आप ‘ थायराइड ‘ के शिकार ….

हड्डियों में जकड़न और दर्द की न करें अनदेखी, हो सकता है ‘बोन टीबी’

आखिर क्या खाने से गर्भ नहीं ठहरता है , अनचाही प्रेगनेंसी रोकने के घरेलू उपाय

जामुन एक फायदे अनेक- सेहत को देता है हैरान करने वाले फायदे

योग से ये हैं 6 फायदे , जो देता है स्वस्थ तन और पुलकित मन

जानिये, किस उम्र में कितना ब्लड शुगर का स्तर होना चाहिए ..

जानिये, अपने स्वभाव के बारे में, आखिर कैसे है आप


” धर्मनगरी ” में पढ़िए

जानिए क्या है रुद्राभिषेक और क्यों किया जाता हैं..

सावन विशेष : कितने शिव लिंग़ का उल्लेख है पुराण में , कौन से हैं 50 सिद्ध शिव मंदिर

पितरों के सुमिरन का दिन है अमावस्या, पितृ दोष से मिलता है छुटकारा

जानिए क्या है त्रिपिंडी श्राद्ध, क्यों और कैसे होता है ये अनुष्ठान….किस प्रेत का कहाँ है निवास

धर्मनगरी : दुनिया का इकलौता विश्वनाथ मंदिर जहां शक्ति के साथ विराजमान हैं शिव…जानिए 11 खास बातें

काशी का वह पवित्र स्थान जहां भीम ने किया था तपस्या

मरने के 9 साल बाद पुनर्जन्म लेने वाले की सच्ची घटना

धर्म नगरी : जानिए, मृत्यु के पूर्व और पश्चात की सात अवस्था


खबर में ” काम की बात “

घर रहना हो आराम से तो गूगल पर भूल कर न करे ये सर्च

महिला सुरक्षा : जानिये क्या है “आंतरिक शिकायत समिति”, क्यों जरूरी है इसका गठन, महिलाओं के लिए कितना होगा कारगर

यदि सरकारी डाक्टर लिख रहा है जेनेरिक दवाईयां की जगह महंगी दवाईयां, तो ऐसे करे शिकायत

जानिए क्या है ई जनगणना , कैसे पूरी होगी ये प्रक्रिया और कैसे आप होंगे


ख़बरें, जो हो आपके काम की ” जानकारी “


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!