पढ़िए, कौन थे  “इस्कॉन” के संस्थापक, प्रधानमंत्री ने जारी किया 125 रुपये का सिक्का

पढ़िए, कौन थे “इस्कॉन” के संस्थापक, प्रधानमंत्री ने जारी किया 125 रुपये का सिक्का



#Swami Prabhupada Birth Anniversary कृष्ण भक्ति के लिये मशहूर “इस्कॉन ” के संस्थापक श्री भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की 125 वीं जयंती के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने 125 रुपये का सिक्का जारी किया। पीएम ने वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित कार्यक्रम में यह सिक्का जारी किया। स्वामी प्रभुपाद ने इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) की स्थापना की थी। इसे आमतौर पर ‘हरे कृष्ण आंदोलन’ के रूप में जाना जाता है। इस्कॉन ने श्रीमद् भागवत गीता और अन्य वैदिक साहित्य का 89 भाषाओं में अनुवाद किया जो दुनिया भर में वैदिक साहित्य के प्रसार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्वामी प्रभुपाद ने दुनियाभर में 100 से अधिक मंदिरों की भी स्थापना की। उन्होंने विश्व को भक्ति योग का मार्ग दिखाने वाली कई किताबें लिखीं।

ये थे अभय डे
इस्कान के जरिए लगभग 125 देश के करोड़ों लोगों को श्रीकृष्ण की भक्ति से जोडऩे वाले प्रभुपाद का जन्म कलकत्ता में एक सितंबर 1896 को भाद्रपद कृष्णपक्ष की नवमी तिथि को हुआ । दवा व्यवसायी अभय चरण डे 1923 से 1936 तक प्रयागराज में रहे। दवाइयों का व्यवसाय के सिलसिले में प्रयागराज आए और साउथ मलाका मोहल्ले में रहने लगे । हीवेट रोड में उनकी ‘प्रयाग फार्मेसी’ नाम से दुकान थी। प्रयाग में ही स्‍वामी प्रभुपाद को दीक्षा मिली और गुरु ने नया नाम दिया। प्रभुपाद 1936 में अपने आध्यात्मिक गुरु के निधन के बाद कोलकाता चले गए।



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टफ

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