काशी में एक ऐसा शिव लिंग जो प्रति वर्ष आज के दिन बढ़ता है एक तिल

काशी में एक ऐसा शिव लिंग जो प्रति वर्ष आज के दिन बढ़ता है एक तिल

 

     शिव की कचहरी से हरी-भरी काशी नगरी में एक ऐसा शिवलिंग है जो तिल-तिल बढ़ता है। इन्हें स्वयंभू बाबा तिलभांडेश्वर महादेव के रूप में जाना जाता है। गंगा से करीब 500 मीटर के फासले पर स्वयंभू बाबा तिलभांडेश्वर महादेव जी का अति प्राचीन मंदिर है। बाबा तिलभांडेश्वर महादेव के ज्योतिìलग की उत्पत्ति कब हुई इस बारे में कोई निश्चित तिथि या काल नहीं है। बाबा का बखान काशी खंड, शिवपुराण के कोटिरुद्र एवं वेदों में है। प्रचलित मान्यता के अनुसार एक ऋषि-मुनि इस स्थल पर तपस्या कर रहे थे। ऋषिमुनि ने एक मिट्टी के भांड में तिल भरकर पास में रखते थे। किवदंती है कि उसी जगह शनि महाराज और गणोश जी के बीच में किसी बात को लेकर र्चचा हो रही थी और इस दौरान गणेश जी के पैर से तिल से भरा मिट्टी का भाण्ड ( मिटटी का बरतन ) उलट गया और वही एक ज्योतिìलग स्वरूप हो गया। बाबा का ज्योतिìलग प्रतिदिन तिल-तिल बढ़ता रहा। 

आकार से हुई चिंता
 कहा जाता है कि उस समय के महात्मा अचरज में पड़ गये कि बाबा अगर रोज इसी तरह एक तिल बढ़ते रहे तो भविष्य में परेशानी होगी। यह सोचकर महात्मा ने बाबा की स्तुति की, जिस पर बाबा प्रसन्न होकर उक्त महात्मा को स्वप्न में मिले और कहा कि वैसा ही होगा जैसा भक्तगण चाहते हैं। तब से लेकर वर्तमान में एक बार मकर संक्रांति के दिन बाबा एक तिल बढ़ते हैं और इसका प्रत्यक्ष स्वरूप विद्यमान है। बाबा के दर्शन का फल : वेद सम्मत है कि बाबा के ज्योतिìलग के दर्शन करने का फल गंगा सागार में स्नान करने के समान है। इसके अलावा धन और पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। यह भी कहा जाता है कि 40 दिन तक लगातार एक निश्चित समय पर बाबा का दर्शन कोई नहीं कर पाता है।
 
सतयुग से द्वापर युग तक हर रोज एक तिल बढ़ा लिंग
 अति प्राचीन ये शिवलिंग स्वयंभू शिवलिंग है। मंदिर का निर्माण सैकड़ों वर्ष पहले हुआ था। सतयुग से लेकर द्वापर युग तक यह लिंग हर रोज एक तिल बढ़ता रहा। लेकिन कलयुग के आगाज के साथ लोगो को यह चिंता सताने लगी कि यदि भगवान शिव ऐसे ही हर रोज बढ़ते रहे तो एक दिन पूरी दुनिया ही इस लिंग में समाहित हो जायेगी। तब लोगों ने यहां शिव की आराधना की।

मकर संक्राति को एक तिल बढ़ता है लिंग
 शिव ने प्रसन्न होकर दर्शन दिया और साथ ही यह वरदान भी दिया की हर साल मकर संक्रांति में मैं एक तिल बढ़कर भक्तों का कल्याण करूंगा। इस मंदिर के साथ ये मान्यताएं भी जुड़ी है कि वर्षों पहले इसी स्थान पर विभाण्ड ऋषि ने शिव को प्रसन्न करने के लिए तप किया था। इसी स्थान पर लिंग के रूप में बाबा ने उन्हें दर्शन दिया था। कहा ये भी जाता है कि शिव ने दर्शन उपरांत विभाण्ड ऋषि से कहा था कि कलियुग में ये रोज तिल के सामान बढ़ेगा और इसके दर्शन मात्र से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा। 

वर्तमान स्थिति
  तिलभाण्डेश्वर शिवलिंग काशी में स्थित तीन सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक हैं। ऐसी मान्यता है कि इस शिवलिंग में भगवान शिव हमेशा वास करते हैं। जिससे तिलभाण्डेश्वर का महत्व काफी बढ़ जाता है। इनके बड़े रूप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस शिवलिंग की परिधि 4.6 मीटर और उंचाई 1.4 मीटर है। मंदिर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ देव स्थल हैं। इस शिवलिंग का नाम तिलभाण्डेश्वर पड़ने पर एक किवदंती है कि यह शिवलिंग हर वर्ष एक तिल के बराबर बढ़ता है। यह मंदिर बंगाली टोला इंटर कालेज के पास गली में करीब 200 मीटर जाने पर स्थित है।  



लेटेस्ट वीडियो –

देखिये, दशाश्वमेध घाट पर 14 जनवरी को गंगा स्नार्थियों का भीड़

काशी के दंडनायक काल भैरव को देखिये, कोतवाल के ड्रेस में …


” इन न्यूज़ ” संग हर दिन Live Updates: # कोरोना / Omicron ओमिक्रॉन वैरिएंट

बनारस में फिर दिखा कोरोना संक्रमण का आक्रमण, आज 515

जारी हुआ टोल फ्री नम्बर, इंटीग्रेटेड कोविड कमाण्ड एंड कंट्रोल सेंटर पर फोन कर प्राप्त कर सकते हैं मदद

जानिए क्या है नया होम आइसोलेशन की गाइड लाइन, कोरोना के लक्षण


लेटेस्ट खबरें, इन्हें भी पढ़िए –

जानिए स्वामी प्रसाद की कुंडली, भाजपा पर बोला हमला, प्रश्न आखिर बेटी भाजपा में क्यों …

वीडियो खिचड़ी स्नान : लोक मान्यतायों के अनुसार गंगा तट पर स्नान करने वालों की भीड़

125 कांग्रेस प्रत्याशियों की लिस्ट, जो लडेंगे इन शहरों के विधानसभा सीट से


<hr />

धड़ल्ले से बिकता रहा , दिखा हर कटी पतंग पर चाइना मांझा


वीडियो खबरें –

देखिये , जब बजा विश्वनाथ धाम में एक साथ 1001 शंखों ध्वनि

मालवीय जयंती – मदहोश खुशबू संग मनमोहक अंदाज में मालवीय का आंगन में पुष्पों ने विखेरी छटा

देखिये नये बेनियाबाग को जहां अब नीचे वाहन पार्किंग और ऊपर है फुटबॉल का मैदान संग खूबसूरत पार्क


“इन न्यूज़” की पहल : आप भी किसी विभाग के भष्टाचार के शिकार बन रहे हो या फिर आपको विभाग में चल रहे घालमेल की भनक हो तो सूचित करें …ताकि उजागर हो सके सच संपर्क – 9889881111 , 9795469096

चंद रुपयों के लिए मरीजों के जीवन से हर क्षण खेलते हैं दलाल, सिस्टम में ही खोट


पायलट प्रोजेक्ट “डिजिटल हेल्थ कार्ड” का किया विज्ञान और प्रौद्योगिकी पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने किया शुरुआत



पढ़िए – धर्म और आध्यात्म की बातें

अन्तरगृह यात्रा में दिखा ईश्वर के प्रति भक्तिभाव
Garud Puran : गरुड़ पुराण के अनुसार क्या है 16 घोर नरक


” In news ” की ख़ास खबरें –

मंदिरों को आस्था,श्रद्धा,भक्ति,तपस्या का स्थान ही बने रहने दें उन्हें पर्यटन स्थल ना बनाएं

जानिए क्या है दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति , क्यो है विरोध



कहीं भी मूर्ति रखने की जगह , सम्मानजनक ठंग से करें देव प्रतिमा को विसर्जित, करिये हेल्पलाइन पर फोन

यूं सिलिब्रेट किया पर्यटकों ने नये साल के पहले दिन गंगा के रेत पर

https://youtu.be/R2Swc3IXtos

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!