इससे पहले, तुर्की (Turkey) में सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 4.17 बजे भूकंप (Earthquake) के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैनाने पर इसकी तीव्रता 7.8 आंकी गई है। इस शक्तिशाली भूकंप ने तुर्की और सीरिया (Syria) दोनों देशों में भारी तबाही मचाई है। भूकंप से अब तक 1700 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है। वहीं 2500 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप से सैकड़ों इमारते जमींदोज हो गई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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भूकंप से तुर्की में 284 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 2,323 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। इनमें से 70 लोग कहारनमारस प्रांत (Kahramanmaras) में मारे गए जहां भूकंप का केंद्र था। तुर्की के दियारबारिक में इमारतों के गिरने की खबर है। प्रभावित इलाकों में मस्जिदों के शेल्टर होम के लिए खोल दिया गया है।
तुर्की में आए भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत भी सामने आया है। NDRF की दो टीमें मदद के लिए तुर्की भेजी जाएंगी।
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान के मुताबिक भूकंप के झटके 6 बार महसूस किए गए। इसमें सबसे बड़ा झटका करीब 40 सेकेंड तक महसूस किया गया जो 7.8 तीव्रता का था। इसके बाद 7.5 की तीव्रता के झटके महसूस किए गए।
तुर्की के उप राष्ट्रपति फुअत ओकटे ने बताया कि प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घायलों को बेहतर इलाके के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
तुर्की में आए भीषण भूकंप में लोगों के मारे जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया कि तुर्की में भूकंप के कारण जनहानि और संपत्ति के नुकसान से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारत तुर्की के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस त्रासदी से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
सीरिया में भूकंप से 237 लोगों की मौत हो गई है जबकि 516 लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों में 47 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
सीरिया के अलेप्पो और हमा शहर में इमारतों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (United States Geological Survey-USGS) के मुताबिक भूकंप जमीन से करीब 24.1 किलोमीटर (14.9 मील) की की गहराई पर आया है। इसका केंद्र तुर्की के गाजियांटेप प्रांत के नूरदागी से 23 किलोमीटर (14.2 मील) पूर्व में स्थित है।
भूकंप के झटके तुर्की के अलावा साइप्रस, ग्रीस, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, इराक, जॉर्जिया और अर्मेनिया तक महसूस किया गए।
तुर्की में इससे पहले 1939 में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप में 32 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
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