देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में कोई भूखा नहीं सोता लेकिन लॉकडाउन के चलते काशी में भीख मांगने वाले भिखारियों के आगे बड़ी मुसीबत आन पड़ी है । काशी के अधिकांश मठ मंदिर अब भी बंद है और पर्यटकों की आवाजाही ना के बराबर है ऐसे में मंदिरों के बाहर भीख मांग कर अपना पेट भरने वाले भिखारी इन दिनों भूख से परेशान है । भिखारियों की माने तो लॉकडाउन से पहले उनके जीवन के गुजारे के लिए भक्तों से 100 – 120 तक मिल जाया करते थे लेकिन अब 5 और 10 रुपए से ही उन्हें अपना काम चलाना पड़ रहा है । बता दे कोरोना काल की शुरुआत में जिला प्रशासन ने इन भिखारियों के लिए रैन बसेरों में रहने के साथ ही खाने-पीने का इंतजाम किया था लेकिन अनलॉक की शुरुआत होने के साथी इनका सहारा बने रेन बसेरों से इन्हें बाहर निकाल दिया गया ।
