-innovest ngo desk
वाराणसी वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से जारी लॉक डाउन में गरीब बुनकरों का रोजगार बन्द हो गया है। समस्याओं को देखते हुए बजरडीहा के बुनकरों में जो भूखमरी के दौर से गुजर रहे हैं। उन बुनकर परिवारों की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उनको आत्म निर्भर बनाने के लिए मदरसा नुरिया अशरफियां में मशीन वितरण के साथ साथ उनको कच्चा माल भी उपलब्ध कराया गया। जिससे उनको रोजगार से जोड़ा जा सके। कोविड -19 और लॉक डाउन के दौरान जिन गरीबों कि आजीविका पर संकट आया है। उनके पुनर्वास के उद्देश्य से आज बजरडीहा के तेलियाना पर स्थित मदरसे में 10 बुनकर परिवार की महिलाओं को लेकर कैरी बैग का उत्पादन आरंभ करवाया। विशेष उपस्थिति फादर आनन्द की रही। अभियान का नेतृत्व डॉक्टर गुफरान जावेद, मुशर्रफ़ हुसैन, नौशाबा हुसैन, हुमा , आलम अंसारी , हारून कैफ़ी आदि कर रहे हैं। ब्रेड इंडिया की ओर से इन में से कुछ लोगों को सिलाई मशीन दी गई है जिससे प्रतिदिन ये महिलाएं इको फ्रेंडली झोले बनाएंगे और बाज़ार में बेचेंगे।